भाइयों, अगर आप भी ड्रीम11, MPL, My11Circle जैसे फैंटसी ऐप्स के दीवाने हैं, तो ऑनलाइन गेमिंग बिल पास होने के बाद आपका दिल टूट गया होगा। मनी कांटेस्ट बंद, करोड़ों के प्राइज पूल गायब, और हर रोज का सस्पेंस – क्या सुप्रीम कोर्ट ड्रीम11 को पहले जैसा चालू करेगा? या फैंटसी गेमिंग हमेशा के लिए खत्म? आज इस ब्लॉग में हम पूरी जानकारी देंगे – सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर, सुनवाई की डिटेल्स, कंपनियों की दलीलें, और 21 जनवरी 2026 के फाइनल डिसीजन में क्या हो सकता है।
ऑनलाइन गेमिंग बिल: मामला इतना तूल क्यों पकड़ गया?
ऑनलाइन गेमिंग बिल (प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट, 2025) अगस्त 2025 में पास हुआ। इसका मकसद रियल मनी गेमिंग (RMG) पर बैन लगाना था, ताकि जुआ, मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग रुके। लेकिन फैंटसी स्पोर्ट्स को ‘गेम ऑफ स्किल’ माना जाता रहा है – सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी ड्रीम11 को स्किल बेस्ड बताया था।
मुख्य वजहें क्यों सस्पेंस है:
- कानून की संवैधानिक वैधता पर सवाल: चीफ जस्टिस ने क्लियर किया – अगर कोई कानून को चुनौती देता है, तो कम से कम 3 जजों की बेंच सुनवाई करेगी। पहले जस्टिस विश्वनाथन की बेंच में था, अब 3 सीनियर जजों की।
- केंद्र vs राज्य: गेम्सक्राफ्ट केस से लिंक – राज्य क्या ऑनलाइन गेमिंग बैन/रेगुलेट कर सकते हैं?
- बिल अभी नोटिफाई नहीं: कानून लागू ही नहीं हुआ, फिर भी पेमेंट गेटवे (UPI, IMPS) बंद। RBI के प्रेशर से बिजनेस ठप।
| स्टेज | डेट | क्या हुआ? |
|---|---|---|
| बिल पास | अगस्त 2025 | लोकसभा-राज्यसभा से मंजूर, राष्ट्रपति साइन। |
| हाईकोर्ट याचिकाएं | सितंबर 2025 | दिल्ली, कर्नाटक, MP – सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर। |
| SC सुनवाई | नवंबर-दिसंबर 2025 | सरकार ने जवाब मांगा, टेरर फंडिंग का लिंक बताया। |
| फाइनल हियरिंग | 21 जनवरी 2026 | 3 जज बेंच, कंसॉलिडेटेड डिसीजन। |
कंपनियों की दलीलें: बिजनेस क्यों ठप, SC में क्या बोला?
ड्रीम11, MPL, Gameskraft जैसी कंपनियों ने SC में चिल्लाया – बिजनेस 100% बंद!
- रेवेन्यू जीरो: मनी कांटेस्ट बंद, लाखों जॉब्स खतरे में। 26 नवंबर की लिस्टिंग हटा दी गई, कंपनियां अर्जेंट हियरिंग मांग रही थीं।
- पेमेंट ब्लॉक: कानून नोटिफाई नहीं, फिर भी UPI बंद। लाखों यूजर्स स्ट्रगल।
- स्किल vs चांस: पुराने SC फैसलों का हवाला – फैंटसी गेम स्किल है, जुआ नहीं।
सरकार का पक्ष: अनरेगुलेटेड ऐप्स टेरर फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े। सेलिब्रिटी ऐड्स से युवा बर्बाद।
21 जनवरी 2026: फाइनल डिसीजन में क्या हो सकता है?
SC ने CJI सूर्यकांत की बेंच से मामला 3 जजों को ट्रांसफर किया। गेम्सक्राफ्ट (राज्य पावर) और GST मामलों से लिंक।
संभावित आउटकम:
- पॉजिटिव: फैंटसी को स्किल मानकर मनी कांटेस्ट बैन हटे। रेगुलेशन लगे – जीएसटी कम, ट्रांसपेरेंसी।
- नेगेटिव: फुल बैन, या सख्त रूल्स (नो ऐड्स, लिमिटेड प्राइज)।
- मिडिल: यथास्थिति – रेगुलेट लेकिन बंद न करें। विनर लिस्ट पब्लिक, डेटा सिक्योरिटी।
मेरा ओपिनियन: गेमिंग लॉ बनाओ, धांधली रोकने के रूल्स लगाओ, लेकिन फैंटसी बंद मत करो। यूजर्स को फायदा हो – कम जीएसटी, रियल विनर्स!
निष्कर्ष
भाइयों, 21 जनवरी 2026 इंतजार करो – मनी कांटेस्ट वापस आ सकते हैं! लेकिन तब तक सेफ प्ले करो। आप क्या सोचते हो?
- गेमिंग बिल सही है या गलत?
- 21 जनवरी को क्या डिसीजन आएगा?
कमेंट्स में बताओ, लाइक-शेयर करो!











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